रविवार 11 2026

Dal Dhokla recipe

🥣 दाल ढोकली 

परिचय:

वरणफळ महाराष्ट्र का एक पारंपरिक और पौष्टिक व्यंजन है — जिसमें दाल की ग्रेवी (वरण) में गेहूं के आटे से बने पतले टुकड़े उबालकर पकाए जाते हैं।
गुजरात में इसे “दाल ढोकली” कहा जाता है, पर महाराष्ट्र के नाशिक, पुणे और कोल्हापुर क्षेत्रों में इसकी अलग ही पहचान है — थोड़ा तीखा, हल्का खट्टा और बेहद स्वादिष्ट!


सामग्री:

ढोकली (फळ) के लिए आटा:

  • गेहूं का आटा – 1 कप
  • हल्दी पाउडर – ¼ टीस्पून
  • नमक – ½ टीस्पून
  • तेल – 1 टीस्पून
  • पानी – आटा गूंथने के लिए

वरण (दाल) के लिए:

  • अरहर की दाल (तूर दाल) – ¾ कप (पकी हुई)
  • टमाटर – 1 मध्यम (बारीक कटा हुआ)
  • हींग – 1 चुटकी
  • हल्दी पाउडर – ¼ टीस्पून
  • लाल मिर्च पाउडर – 1 टीस्पून
  • गोडा मसाला (या गरम मसाला) – ½ टीस्पून
  • इमली-गुड़ का पानी – 2 टेबलस्पून (वैकल्पिक)
  • जीरा, राई – प्रत्येक ½ टीस्पून
  • करी पत्ता – 5–6 पत्ते
  • तेल – 1 टेबलस्पून
  • हरी धनिया – सजावट के लिए


विधि:

१. फळ (ढोकली) तैयार करना:

  1. गेहूं का आटा, हल्दी, नमक और तेल मिलाकर नरम आटा गूंथ लें।
  2. इसे 10 मिनट ढककर रख दें।
  3. फिर छोटी-छोटी रोटियाँ बेलें और उन्हें चौकोर या डायमंड आकार में काट लें।

२. वरण (दाल) बनाना:

  1. पकी हुई अरहर दाल को मैश कर लें।
  2. एक पैन में तेल गरम करें, फिर उसमें राई, जीरा, हींग और करी पत्ते डालें।
  3. अब टमाटर, हल्दी, लाल मिर्च और गोडा मसाला डालकर भूनें।
  4. इसमें दाल और ज़रूरत के अनुसार पानी डालें, और उबाल आने दें।
  5. स्वादानुसार इमली-गुड़ का पानी मिलाएँ और नमक समायोजित करें।

३. फळ (ढोकली) पकाना:

  1. जब दाल उबलने लगे, तब एक-एक कर आटे के टुकड़े डालें।
  2. धीमी आँच पर ढककर 10–15 मिनट तक पकाएँ।
  3. जब ढोकली (फळ) नरम और पक जाए, गैस बंद कर दें।सजावट और परोसना:
  • ऊपर से घी, हरी धनिया और नींबू का रस डालें।
  • गरमागरम वरणफळ भात, पापड़ या अचार के साथ परोसें — इसका स्वाद बेमिसाल होता है।

टिप्स:

  • आटा न बहुत सख्त हो, न बहुत ढीला — हल्का लचीला होना चाहिए।
  • इमली-गुड़ का संतुलन अपने स्वादानुसार रखें।
  • ढोकली डालने के बाद ज़्यादा चलाएँ नहीं, वरना वे टूट सकती हैं।

पोषण मूल्य (प्रति कटोरी):

  • कैलोरी: लगभग 300
  • प्रोटीन: 10 ग्राम
  • फाइबर: 5 ग्राम
  • वसा (फैट): 8 ग्राम

निष्कर्ष:

वरणफळ केवल खाने वालों के लिए नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए भी है जिन्हें खाना बनाना एक कला और प्रेम का रूप लगता है।



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