रविवार 18 2026

Puranpoli recipe

 🌸 पुरणपोली (पारंपरिक गुड़ीपाड़वा विशेष)

परिचय:

गुड़ीपाड़वा, होली या कोई भी भारतीय पर्व पुरणपोली के बिना अधूरा प्रतीत होता है।
यद्यपि यह एक मीठा व्यंजन है, किंतु इसमें कौशल, संयम और प्रेम का सच्चा स्वाद समाया होता है।
विशेष रूप से दादी या माँ के हाथों की गरमागरम पुरणपोली, उस पर साजूक (शुद्ध) घी और साथ में गरम दूध — मानो स्वर्ग का प्रसाद ही हो!

सामग्री:

पुरण (भरावन) के लिए:

  • चना दाल – 1 कप (3 घंटे भिगोकर उबाली हुई)
  • गुड़ – 1 कप
  • इलायची पाउडर – ¼ चम्मच
  • जायफल पाउडर – एक चुटकी (ऐच्छिक)

पोली (आटे) के लिए:

  • गेहूं का आटा – 2 कप
  • तेल अथवा घी – 2 टेबलस्पून
  • नमक – एक चुटकी
  • आवश्यकतानुसार पानी

अन्य सामग्री:

  • साजूक घी – सेंकने हेतु
  • मैदा – बेलने हेतु

विधि:

१. पुरण तैयार करना:

  1. चना दाल को प्रेशर कुकर में 3 सीटी आने तक पका लें।
  2. पानी अलग कर लें (इसी पानी से “कट” नामक सूप जैसी डिश तैयार की जाती है)।
  3. दाल और गुड़ को धीमी आँच पर मिलाकर पकाएँ, जब तक मिश्रण गाढ़ा न हो जाए।
  4. अब उसमें इलायची व जायफल पाउडर डालें और ठंडा होने दें।
  5. पुरण गाढ़ा, एकसार तथा भरावन के योग्य होना चाहिए।

२. आटा गूँथना:

  1. गेहूं के आटे में नमक व तेल मिलाकर पानी से नरम, लोचदार आटा गूँथ लें।
  2. इसे ढककर लगभग 30 मिनट विश्राम दें।

३. पुरणपोली बेलना व सेंकना:

  1. आटे का छोटा भाग लेकर लोई बनाएँ, उसमें पुरण भरें और हल्के हाथों से बेल लें।
  2. तवे को गरम करें, दोनों ओर से पोली को सुनहरा भूरा होने तक सेकें।
  3. ऊपर से साजूक घी लगाकर परोसें।

उपयुक्त सुझाव:

  • पुरण न अधिक गीला होना चाहिए, न अधिक सूखा।
  • यदि पोली बेलते समय फटने लगे, तो आटे में थोड़ा-सा चावल का आटा मिलाएँ।
  • बची हुई दाल के पानी से “कट” बनाकर भात के साथ परोसा जा सकता है — यह अत्यंत स्वादिष्ट होता है।

पोषण मूल्य (प्रति पोली):

  • कैलोरी: लगभग 250–300
  • प्रोटीन: 6 ग्राम
  • रेशा (फाइबर): 3–4 ग्राम
  • वसा (फैट): 8–10 ग्राम

निष्कर्ष:

पुरणपोली केवल एक पारंपरिक मिठाई नहीं, बल्कि घर की संस्कृति और आत्मीयता का प्रतीक है।
इसमें केवल गुड़ की मिठास नहीं, बल्कि पारिवारिक स्नेह, परिश्रम और उत्सवों की मधुर स्मृतियाँ घुली होती हैं

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