🍛 पुरण का कट – बची हुई दाल से बनने वाली खास मीठी डिश
परिचय:
जब हम पुरणपोली बनाते हैं, तब अक्सर बचा हुआ दाल-गुड़ का पानी (कट) फेंक दिया जाता है।
परंतु पारंपरिक महाराष्ट्रीयन पाककला में कुछ भी व्यर्थ नहीं जाता।
इसी बचे हुए पानी से एक खास तरीके से स्वादिष्ट कट बनाया जाता है।
यह कट भात (चावल) के साथ या फोडणी पिठलं (लहसुनवाला बेसन करी) जैसे व्यंजनों के साथ भी परोसा जा सकता है।
हल्की मीठी और हल्की तीखी – यह डिश बेहद अनोखी और लाजवाब स्वाद वाली होती है।
सामग्री:
- बचा हुआ पुरण का पानी – 2 कप
- हरी मिर्च – 2
- अदरक – 1 इंच (कसा हुआ)
- लहसुन – 3 कलियाँ
- जीरा, राई – प्रत्येक ½ टीस्पून
- हींग – 1 चुटकी
- हल्दी – ¼ टीस्पून
- करी पत्ता – 5–6 पत्ते
- हरी धनिया – सजावट के लिए
- नमक – स्वादानुसार
- नींबू का रस – वैकल्पिक
विधि:
- बचा हुआ दाल-गुड़ का पानी छान लें।
- एक पैन में तेल गरम करें, उसमें राई, जीरा, हींग और करी पत्ते डालें।
- अब अदरक, लहसुन और हरी मिर्च डालकर हल्का भूनें।
- फिर हल्दी डालें और उसके बाद छाना हुआ पुरण का पानी डालें।
- नमक डालें और इसे 5 मिनट तक उबालें।
- अंत में हरी धनिया डालें। चाहें तो नींबू का रस भी मिला सकते हैं।
क्या परोसें इसके साथ?
- गरम भात पर कट डालें और ऊपर से घी टपकाएँ।
- पिठलं या किसी साइड डिश के साथ परोसें।
- रोटी या भाकरी के साथ भी यह बेहतरीन लगता है।
कट का महत्व:
- यह कट न केवल स्वाद बढ़ाता है, बल्कि दाल के पोषक तत्वों का पुनः उपयोग भी करता है।
- यह “बचा हुआ” भोजन स्वादिष्ट व्यंजन में बदलने की पारंपरिक चतुरता और समझदारी को दर्शाता है।
टिप्स:
- कट के लिए दाल का पानी बहुत पतला न हो – थोड़ा गाढ़ा और हल्का मीठा हो तो स्वाद दोगुना बढ़ जाता है।
- ज्वार की भाकरी और कट – यह एक परिपूर्ण देसी ग्रामीण भोजन है।
निष्कर्ष:
पुरण का कट मराठी भोजन संस्कृति की सादगी और स्वाद का उत्तम उदाहरण है।
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